इंसानों के बीच मौजूद हैं मानवर आधे इंसान और आधे जानवर ! Half Human,Half Animals

0
679

जब भी रहस्यमय प्राणियों का जिक्र होता है तो हमारी सोच सिर्फ और सिर्फ एलियन्स पर आकर रुक जाती है. लेकिन आपको यह भी जान लेना चाहिए कि एलियन्स का पृथ्वी पर आना-जाना एक सच हो सकता है लेकिन उसके साथ ही एक बड़ा सच यह भी है कि यहां कुछ ऐसे रहस्यमयी जीवों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है, जिन्हें आप एलियन का नाम देकर कंफ्यूज हो सकते हैं लेकिन वास्तव में वो एलियन होते नहीं थे. जी हाँ हम बता एलियन की नहीं उन जीवों की करने जा रहे है जिन्हें विज्ञान की भाषा में मानवर कहा जाता है. जो न तो पूरी तरह जानवर होते है और न ही मानव.

मानवरों की लिस्ट में पहला नाम आता है. अमेरिका के साउथ कैरोलिना क्षेत्र में सात फीट और 2 इंच लंबे लिजार्डमैन का. जिसके हाथ और पैरों में सिर्फ तीन-तीन अंगुलियां थी. लिजार्डमैन का पहला किस्सा 29 जून 1988 को सुनने में आया था. आज भी बीच बीच में लोग ऐसे दावे करते रहते है पर वास्तव मे कभी लिजार्डमैन जैसा कोइ प्राणि था या नही ये आज तक एक रहस्य है. रहस्यमय और खौफनाक प्राणियों की इस लिस्ट में दूसरा नाम है जर्सी डेविल का आता है. इस जीव के बारे में सर्वप्रथम 1800 में सुना गया था, इसके बाद 20वीं सदी तक आए दिन इसका जिक्र होता रहा. जर्सी डेविल से जुड़ी एक कहावत भी प्रचलित है जिसके अनुसार यह माना जाता है कि जब एक चुड़ैल अपने 13वें बच्चे को जन्म दे रही थी तो उसने शैतान को जगा दिया था. जैसे ही उसके बच्चे ने जन्म लिया उसका रूप शैतान की तरह हो गया. इस बच्चे की आवाज भी बहुत खौफनाक थी. इसे ही जर्सी डेविल कहा जाता है.

विचित्र और भयानक प्राणीयों कि लिस्ट मे तीसरा नाम है फ्लैटवुड मॉन्स्टर भी किसी पारलौकिक प्राणी की तरह दिखाई देता था. इसे वेस्ट वर्जीनिया की ब्राक्सटॉन काउंटी के फ्लैटवुड कस्बे में 12 सितंबर 1952 को देखा गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार वह 10 फीट लंबा था और उसका चेहरा लाल रंग का था. उसका विचित्र चेहरा था और उसकी आंखें इंसानों जैसी नहीं थीं. ऐसा लगता था वह गहरे रंग की स्कर्ट पहने हुए है. उसके या तो हाथ थे ही नही या फिर बहुत छोटे थे जिनके अन्त मे बड़ी बडी ऊंगलियाँ थी. वर्ष 1976 के ब्रिटेन में पहली बार उल्लू की तरह दिखने वाले विचित्र प्राणी को देखने की बात सामने आई थी. इसे मावनैन चर्च टॉवर पर उड़ते हुए देखा गया था, जिसके कान नुकीले, आंखें रक्त की तरह लाल और आकार एक औसत मनुष्य की तरह था. इसे लगातार 2 सालों, यानि 1978 तक देखे जाने घटनाएं सामने आती रही.

डोवर डीमन डरावना प्राणी अमेरिका में दिखाई दिया. मैसाचुसेट्स के डोवर टाउन में यह 1977 में 21 और 22 अप्रैल को दिखाई दिया. इसके विचित्र रूप को लेकर अनुमान लगाए जाते रहे कि यह एलियन था या फिर कोई प्रयोग का हिस्सा. वह हाईब्रिड एलियन भी हो सकता था. कुछ लोगों का तो यह भी कहना थे कि यह किसी दूसरे लोक से आया था. डोवर डीमन का सिर बड़ा था और आंखें ऑरेंज कलर की और हाथ-पैर पतले थे. बताया जाता है कि यह बिना बालों का था. इसमें फेशियल फीचर्स बहुत कम थे. यह विचित्र प्राणी लगभग तीन फीट लंबा था. डोवर डीमन सांप की तरह फुफकारता और बाज की तरह चीखता था. वैज्ञानिकों का मानना था कि यह किसी दूसरे ग्रह से आया होगा या फिर बॉयोलॉजिकल कारणों से कोई धरती के ही किसी जीव का आकार बदल गया होगा. विचित्र और भयानक प्राणीयों कि लिस्ट मे पोप लिक मॉन्स्टर भी है. इस विचित्र प्राणी का आकार इंसान जैसा, लेकिन कुछ फीचर्स बकरी-भेड़ जैसे थे. उसके पैर शक्तिशाली थे. इसके अलावा इस जीव के विचित्र नाक, चौड़ी आंखें, माथे पर भेड़ जैसे सींग उगे थे. अरब देशों में इस प्राणी को लेकर कई तरह की कहावते प्रचलित हैं. कहा जाता है कि यह हिप्नोसिस का उपयोग करता था. अपने शिकार को विचित्र ढंग से गाते हुए या मिमिक्री करके आकर्षित करता और फिर उन्हें मार देता था. यह भी कहा जाता था कि वह लोगों को चलती ट्रेन के सामने फेंक देता था. पोप लिक मॉन्स्टर के बारे में अन्य स्टोरीज में कहा गया है कि चलती कारों की छतों पर चढ़ जाता था. वह अपने शिकार को कुल्हाड़ी से भी मारता था. नवंबर 1954 में इंग्लैंड के कान्वे आइलैंड के तट पर एक विचित्र प्राणी का शव मिला. इसे कन्वै आइलैंड मॉनस्टर नाम दिया गया. यह लाल भूरे रंग क 76 सेंटी मीटर लंबा एक प्राणी था. इस प्राणी की संरचना बड़ी ही अजीब थी. इससे पहले पानी में इस तरह का कोइ जीव जंतु नही देखा गया था. कुछ वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद उसे दफना दिया गया. अगस्त 1955 में फिर उसी जगह एक और वैसा शव मिला. यह शव भी पहले वाले कि तरह हि था. सिवाय उसके आकार को छोड़ के इस बार वाला शव 120 सेंटी मीटर लम्बा था. इस शव को दफनाया गया या यह आज तक सुरक्षित है इसके बारे में कोइ जानकारी नही है. घोड़े सर वाला चमगादड़ को सबसे पहले न्यू जर्सी (अमेरिका) के एक घने जंगल में देखा गया था. जिसने भी इसे देखा था उनका कहना था कि यह चमगादड़ के पंखों वाला जीव था जो दो पैरों पर चलता था. इसका मुंह घोड़े की तरह था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here