गधी के दूध से नहाकर राजाओं को वश में करती थी क्लियोपेट्रा, सांप से कटवाकर की आत्महत्या

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मिश्र की रानी क्लियोपेट्रा इतिहास में एक ऐसी रहस्यमय शख्सियत के रूप में दर्ज हैं जिनके रहस्य पर से परदा हटाने का सिलसिला अभी थमा नहीं है. उनके बारे में कहा जाता है कि वे जितनी सुंदर और सेक्सी थीं उससे कहीं ज्यादा वे चतुर, षड्यंत्रकारी और क्रूर भी थीं. उसके कई पुरुषों से सेक्स संबंध थे. वे राजाओं और सैन्य अधिकारियों को अपनी सुंदरता के मोह में बांधकर उनको ठिकाने लगा देती थी. यहाँ तक कि सिंहासन के लिए उसने अपने भाई बहन तक को जहर देकर मार डाला. इतिहासकार मानते हैं कि उसने सर्प से खुद को अपने कटवाकर आत्महत्या कर ली थी और कुछ मानते हैं कि उनकी मौत मादक पदार्थ के सेवन से हुई थी. बहरहाल आईये जानते है इस रानी की कहानी.

इतिहास में क्लियोपेट्रा का जिक्र बेहद खूबसूरत यौवना के तौर पर किया जाता है और इसके लिए वे गधी के दूध का इस्तेमाल करती थीं. वे नहाने के लिए हर रोज करीब 700 गधी का दूध मंगाती थीं जिससे उसकी त्वचा खूबसूरत बनी रहती थी. हालिया हुई खोज में यह बात साबित हुई है. तुर्की में हुए एक अध्ययन के अनुसार, एक शोध के दौरान जब चूहों को गाय और गधी का दूध पिलाया गया तो गाय का दूध पीने वाले चूहे ज्यादा मोटे नजर आए. इससे यह स्पष्ट होता है कि गधी के दूध में गाय के दूध की तुलना में कम वसा होता है, जो हर लिहाज से बेहतर होता है. तो फिर कहीं की भी महारानी हो, वह तो ये पसंद करेगी ही. क्लियोपेट्रो एक चतुर नेता थीं.

यही कारण था कि वे बहुत जल्दी से किसी से भी जुड़कर उसके सारे राज जान लेती थीं और इसी के चलते उनका सैकड़ों पुरुषों से संबंध था. क्लियोपेट्रा ने 51 ईसा पूर्व से 30 ईसा पूर्व तक मिस्र पर शासन किया था. वह मिस्र पर शासन करने वाली अंतिम फराओ थीं. जब क्लियोपट्रा 17 वर्ष की थीं तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई. पिता की वसीयत के अनुसार उन्हें तथा उनके छोटे भाई तोलेमी दियोनिसस को संयुक्त रूप से राज्य प्राप्त हुआ और वह मिस्री प्रथा के अनुसार अपने इस भाई की पत्नी होने वाली थीं, लेकिन राज्याधिकार के लिए संघर्ष के परिणामस्वरूप उन्हें राज्य से हाथ धोकर सीरिया भागना पड़ा. क्लियोपेट्रा ने साहस नहीं खोया. उसी समय जूलियस सीजर अपने दुश्मन पोंपे का पीछा करता हुआ मिस्र आया. वहां उसने क्लियोपेट्रा को देखा और वह उसकी सुंदरता और मादक आंखों पर फिदा हो गया. क्लियोपेट्रा की सुंदरता के जाल में फंसने के बाद वह उसकी ओर से युद्ध कर उसको मिस्र की रानी बनाने के लिए तैयार हो गया.

जूलियस सीजर ने तोलेमी से युद्ध किया और तोलेमी मारा गया और क्लियोपेट्रा मिस्र के राजसिंहासन पर बैठीं. मिस्र की प्राचीन प्रथा के अनुसार वह अपने एक अन्य छोटे भाई के साथ मिलकर राज करने लगीं, किंतु शीघ्र ही उसने अपने इस छोटे भाई को जहर दे दिया. क्लियोपेट्रा के आदेश पर उसकी बहन अरसीनोई की भी हत्या कर दी गई. माना जाता है कि क्लियोपेट्रा रोमन सम्राट जूलियस सीजर की रखैल थी. उससे एक पुत्र भी हुआ किंतु रोमनों को यह संबंध किसी प्रकार न भाया. रोमन जनता इस संबंध का विरोध करती रही. जूलियस सीजर के जनरल मार्क एंथोनी का क्लियोपेट्रा पर दिल आ गया था. क्लियोपेट्रा को जब यह पता चला तो दोनों ने शीत ऋतु एक साथ अलेक्जेंडरिया में व्यतीत किया .

एंथोनी से उनके 3 बच्चे हुए. दस्तावेजों से पता चलता है कि उन दोनों ने बाद में शादी भी की, हालांकि वे दोनों पहले से ही विवाहित थे. 44 ईसा पूर्व में जूलियस सीजर की हत्या के बाद उसके वारिस गाएस ऑक्टेवियन सीजर का एंथोनी ने जब विरोध किया तो उसके साथ क्लियोपेट्रा भी थीं. दोनों ने मिलकर रोमन साम्राज्य से टक्कर लेने की योजना बनाई, लेकिन दोनों को ऑक्टेवियन की फौजों से पराजित होना पड़ा. क्लियोपेट्रा अपने 60 जहाजों के साथ युद्धस्थल से सिकंदरिया भाग आईं. एंथोनी भी उसके पीछे-पीछे भागकर उससे आ मिला. बाद में ऑक्टेवियन के कहने पर क्लियोपेट्रा ने एंथोनी को धोखा दिया. ऑक्टेवियन के कहने पर वह एंथोनी की हत्या करने के लिए तैयार हो गई.

एंथोनी को उसने बहला-फुसलाकर साथ-साथ मरने के लिए तैयार किया और वह उसे समाधि भवन में ले गई जिसे उसने बनवाया था. वहां एंथोनी ने इस भ्रम में कि क्लियोपेट्रा आत्महत्या कर चुकी है, अपने जीवन का अंत कर लिया. क्लियोपेट्रा ऑक्टेवियन को भी अपने रूप-जाल में फांसकर खुद की जान बचाकर फिर से मिस्र की सत्ता प्राप्त करने की योजना पर कार्य कर रही थीं. किंतु मान्यताओं के अनुसार ऑक्टेवियन क्लियोपेट्रा के रूप-जाल में नहीं फंसा और उसने उसकी एक एक सांप से डसवाकर हत्या कर दी. तब वह 39 वर्ष की थीं. क्लियोपेट्रा की मौत के बाद मिस्र रोमन साम्राज्य का हिस्सा बन गया.

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