Serial Killer Andrew Nelson: लाश के साथ था कुकर्म का शौक, कर डाले दर्जनों क़त्ल

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आपने कई सीरियल किलर्स के बारे में सुना और पढ़ा होगा जिन्होंने इंसानियत को शर्मसार किया होगा. लेकिन आज आपको ऐसे सीरियल किलर के बारे में जानकारी देने वाले है जिसके सामने बड़े से बड़ा अपराध भी छोटा लगेगा.

हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड के लंदन शहर के डेनिस एंड्रयू निल्सन की जिसे मासवेल हिल हत्याकांड और किडनी किलर के नाम से भी जाना जाता है। निल्सन एक ऐसा व्यक्ति था जिसने तकरीबन 12 लोगों का ना सिर्फ कत्ल किया बल्कि महीनों उनके शव के साथ कुकर्म भी किया. लंदन के रहने वाले डेनिस निल्सन ने साल 1978 से 1983 तक 12 से ज्यादा पुरुषों को दर्दनाक मौत दी. यहां तक कि ये सीरियल किलर कत्ल करने के बाद उनके शव के साथ महीनों-महीनों तक कुकर्म करता था. इसके बाद शव को जलाकर टॉयलेट में बहा देता था. निल्सन को उसकी हैवानियत की सजा साल 1983 में मिली. 70 साल की उम्र में निल्सन को जेल हुई थी. 4 नवंबर 1983 को उसे मौत की सजा सुनाई गई लेकिन उससे पहले निल्सन को 25 साल जेल में काम करते हुए बिताने थे. बताया जाता है कि निल्सन पहले लड़कों को पैसे देकर बुलाता था या बार से लड़कों को घर लाता था. इसके बाद उन लड़कों का दर्दनाक तरीके से कत्ल करता था. अक्सर निल्सन का शिकार बनने वाले लड़के स्टूडेंट होते थे. पुलिस ने निल्सन के घर से 2 लड़कों के शव भी बरामद किए थे. पुलिस के मुताबिक जब निल्सन को गिरफ्तार करके जेल ले जाया जा रहा था तब उससे पूछा गया कि उसने कितने लड़कों का हत्या किया है। निल्सन ने बड़े ही सहज तरीके से कार की खिड़की से बाहर देखते हुए कहा 15 से 16 लड़कों का किया होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निल्सन की मौत के बाद उसकी सीक्रेट बायोग्राफी सामने आई थी, जो उसने खुद लिखी थी. निल्सन ने तकरीबन हजार पन्नों की किताब लिखी थी. साल 2003 में निल्सन की बायोग्राफी को प्रकाशित करने की अनुमाति ना देने पर विचार किया गया था. जिसका शीर्षक द हिस्ट्री ऑफ ड्रोनिंग ब्वॉय था. आपको बता दें कि निल्सन साल 1961 में ब्रिटिश आर्मी में शामिल हुआ था. जहां वो खाना बनाने का काम करता था. इसके बाद 1970 में निल्सन ने सिविल सर्विस ज्वॉइन की थी और 1972 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी.

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