इतिहास का सबसे अमीर शासक, जिसके पास थी खरबों की सम्पत्ति

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जब भी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की बात चलती है तो पहला ख्याल बिल गेट्स, वॉरेन बफेट और कार्लोस स्लिम का आता है। मगर बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि इतिहास में अब तक का सबसे अमीर व्यक्ति अफ्रीका का रहने वाला था। जी हां, अफ्रीका महाद्वीप, जिसके अधिकतर देश गृहयुद्ध के शिकार हैं। धर्म और जाति के आधार पर नाइजीरिया, माली, रवांडा, युगांडा और सूडान जैसे देशों में खून बहाया जा रहा है.

ऐसे में यहां 13वीं सदी में माली साम्राज्य का एक राजा मनसा मूसा (प्रथम) राज करता था. कहा जाता है एक बार उसने एक गाँव को इतना धन दे दिया की उस गांव में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गयी. बहराल आईये जानते है मूसा से जुड़े कुछ खास घटनाओं को जो उसके सबसे अमीर होने का प्रमाण है…!

अमेरिका के एक मासिक अंग्रेजी पत्रिका ‘मनी’ मैगज़ीन के मुताबिक ‘इतिहास के सबसे अमीर आदमी’ का परिचय मनसा मूसा प्रथम के बारे में है. परिचय ये भी है कि वो टिम्बकटू के राजा थे. इस राजा ने करीब सन 1312 से 1337 वर्षों तक शासन किया और यहीं से इसने अरबों की संपत्ति जुटाई. मूसा ने माली की सल्तनत पर उस समय हुकूमत किया था जब वो खनिज पदार्थों ख़ासकर सोने के बहुत भड़े भंडार का मालिक हुआ करता था. ये वो ज़माना था जब पूरी दुनिया में सोने की मांग अपने चरम पर थी. उनका असली नाम मूसा कीटा प्रथम था लेकिन गद्दी पर बैठने के बाद वो मनसा कहलाए जिसका मतलब बादशाह होता है. अफ्रीका के जंगलों में रहने वाला माली साम्राज्य का राजा मंसा मूसा प्रथम अगर आज जिंदा होता तो वो दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में पहला स्थान प्राप्त करता.

मनसा मूसा की दौलत का हिसाब-किताब आज के वक्त के मुताबिक़ लगाना एक मुश्किल काम है. सेलिब्रिटी नेटवर्थ वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास 400 बिलियन डॉलर की दौलत थी. अगर वो आज जिंदा होता तो उसके पास इतनी दौलत होती जिसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल होता. उसके पास उस वक्त जितनी दौलत थी उसके हिसाब से आज के दौर में वह मानव इतिहास का दुनिया का सबसे अमीर आदमी माना जाता. यानी आज वह करीब 24615980000000 रुपए का मालिक होता. भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब ढाई लाख करोड़ रुपये बनती है.

वैसे मूसा तो आज जिन्दा नहीं है मगर उसकी संपति के बराबरी में कोई नहीं. वर्त्तमान के जीवित अमीरों में अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस इसी हफ़्ते दुनिया के सबसे रईस शख्स घोषित किए गए हैं. जिनके पास 1,06,000 मिलियन अमरीकी डॉलर की दौलत है. मनसा मूसा के पास जेफ़ बेज़ोस से कहीं ज्यादा दौलत थी.

अगर मुद्रास्फीति का हिसाब न जोड़ा जाए तो जेफ़ बेज़ोस के पास इतिहास के जीवित व्यक्तियों में सबसे ज्यादा पैसा है. हालांकि इस पर सवाल उठाने वाले लोग भी मिल जाते हैं.

इसके बावजूद अगर मुद्रास्फीति को ध्यान में रख भी लिया जाए तो मूसा की दौलत का हाल के जीवित या मृत रईस लोगों से तुलना करने पर हम पाते हैं कि रॉथस्काइल्ड फ़ैमिली के पास 3,50,000 मिलियन अमरीकी डॉलर और जॉन डी रॉकफ़ेलर के पास 3,40,000 मिलियन अमरीकी डॉलर के बराबर की दौलत थी.

मनसा मूसा के दौर की जो सबसे मशहूर कहानी है वो है उनकी मक्का यात्रा. ये 1324 की बात है. इस सफ़र में मनसा मूसा ने साढ़े छह हज़ार किलोमीटर का फ़ासला तय किया था. क़िस्सा ये है कि जो लोग मनसा मूसा को देखना चाहते थे, जब वे उनके कारवां के पास पहुंचे तो अवाक् रह गए. लोगों ने देखा कि मनसा मूसा के कारवां में 60 हज़ार लोग शामिल थे और इनमें 12 हज़ार तो केवल सुल्तान के निजी अनुचर थे. मनसा मूसा जिस घोड़े पर सवार थे, उससे आगे 500 लोगों का दस्ता चला करता था जिनके हाथ में सोने की छड़ी होती थी. मनसा मूसा के ये 500 संदेशवाहक बेहतरीन रेशम का लिबास पहना करते थे.

इनके अलावा इस कारवां में 80 ऊंटों का जत्था भी रहता था, जिस पर 136 किलो सोना लदा होता था. कहा जाता है कि मनसा मूसा इतने उदार थे कि वे जब मिस्र की राजधानी काहिरा से गुजरे तो वहां उन्होंने ग़रीबों को इतना दान दे दिया कि उस इलाके में बड़े पैमाने पर महंगाई बढ़ गई.

आज के मॉरीटानिया, सेनेगल, गांबिया, गिनिया, बुर्किना फासो, माली, नाइजर, चाड और नाइजीरिया तब मूसा की सल्तनत का हिस्सा हुआ करता थे. मनसा मूसा ने कई मस्जिदों का निर्माण कराया जिनमें कई आज भी मौजूद हैं. टिम्बकटू का जिंगारेबेर मस्जिद मनसा मूसा के दौर में बनी उन मस्जिदों में से एक है जो आज भी मौजूद हैं.

मनसा मूसा की इस यात्रा की वजह से उनके दौलत के क़िस्से यूरोपीय लोगों के कान तक पहुंच गयी. यूरोप से लोग सिर्फ़ ये देखने के लिए उनके पास आने लगे कि उनकी दौलत के बारे में जो कहा जा रहा है वो किस हद तक सच है.

मनसा मूसा की दौलत की जब पुष्टि हो गई तो उस वक्त के महत्वपूर्ण नक़्शे कैटलन एटलस में माली सल्तनत और उसके बादशाह का नाम शामिल किया गया. 14वीं सदी के कैटलन एटलस में उस वक्त की उन तमाम जगहों का वर्णन है जो यूरोपीय लोगों को मालूम थी.

मूसा ने करीब 25 वर्षों तक शासन किया था, मूसा के साम्राज्य में वर्तमान दौर का घाना, टिंबकटू और माली का इलाका आता है. मूसा की मौत के बाद उसके कारोबार को अगली पीढ़ियां संभाल नहीं पाईं. माना जाता है, उस दौर में लंबे गृहयुद्ध और विदेशी फौजों के आक्रमण ने उसके कारोबार की कमर तोड़ दी.

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