Muammar Gaddafi:कर्नल ने बनाया था स्कूली छात्राओं हरम

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लीबिया के पूर्व शासक कर्नल मुआमर गद्दाफ़ी को दुनिया का सबसे अय्याश तानाशाह माना जा सकता है. लीबिया के स्कूल उसके शारीरिक भूख मिटाने के साधन थे. दरअसल, गद्दाफी के गुर्गे लीबिया के स्कूलों, कॉलेजों में टैलेंट हंट के बहाने कमसिन लड़कियों को गद्दाफी की अय्याशियों के लिए चुनते थे. और लड़की चुनने के बाद उसे हरम में भेजने से पहले वो उस लड़की के खून की जांच करते थे, ताकि ये पता चल सके कि वो किसी बीमारी का शिकार तो नहीं है. इसके बाद लड़की को सजा संवारकर गद्दाफी के बेडरूम में भेजा जाता था. गद्दाफी के हरम में नई लड़कियों को उसका सेक्स स्लेव बनाने का काम भी एक औरत ही करती थी. मुबारका नाम की एक औरत इन मासूम बच्चियों को अश्लील फिल्में दिखा कर उन्हें सेक्स की शिक्षा देती थी. जो लड़कियां ऐसा करने से इनकार करतीं, उन्हें खौफनाक सजा दी जाती थी.

वो हर बार स्कूल जाता. हर बार स्कूल में किसी एक लड़की के सिर पे हाथ रखता और वो लड़की अगले ही पल स्कूल से उठाकर उसके हरम पहुंचा दी जाती. जहां उसकी हैसियत सेक्स की भूख मिटानेवाली एक गुड़िया से ज़्यादा कुछ नहीं होती. लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर ग़द्दाफ़ी की मौत के ढाई साल बाद अब उसके हरम से जो कहानी बाहर निकली वो दहला देने वाली थी . लोगों को पता चला कि स्कूलों में कर्नल गद्दाफी के किसी लड़की के सिर पर हाथ रखने का मतलब क्या होता था.सिर पर हाथ रख कर ग़द्दाफ़ी इशारा देता था. जो लड़की उसे अच्छी लगती उसके सिर पर वो हाथ रख देता था. ग़द्दाफ़ी के गार्ड को इशारे का मतलब पता था. इशारा मिलते ही उसी रोज़ लड़की को उठा लिया जाता और फिर लड़की पहुंच जाती ग़द्दाफी के हरम में. गद्दाफी अपने राज में हज़ारों बार स्कूल गया. कभी समारोह के नाम पर तो कभी उद्घाटन के नाम पर.

40 साल में गद्दाफी की अय्याशी और जुल्म ने लीबिया की आवाम को उसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने पर मजबूर कर दिया था. वैसे गद्दाफ़ी की तानाशाही में सबसे अहम किरदार महिलाओं का रहा. गद्दाफ़ी के वफादारों की फेहरिस्त में महिलाओं के अलावा कोई भी नहीं था.गद्दाफी को बंदूकधारी महिलाओं को अपना बॉडीगार्ड रखने का शौक था, जिन्हें किलिंग मशीन के नाम से जाना जाता था. उनकी संख्या 40 के आसपास होती थी. दूसरे देश में भी वो अपनी महिला अंगरक्षकों और प्राइवेट नर्स के साथ स्पेशल टेंट में रहता था.

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