अय्याश मुहम्मद शाह रंगीला ने नादिर शाह को सौंप दिया कोहिनूर

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भारत में कई जितने भी मुगल बादशाह हुए, सब अपनी कुछ ना कुछ खासियतों के कारण अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे .ये सभी राज-काज में कुशल और योद्धा भी थे.सबके अपने अलग-अलग अंदाज थे जो तमाम खामियों के बावजूद उल्लेखनीय थे .लेकिन औरंगजेब के बाद मुग़ल वंश में सनकी और ऐयाश बादशाहों की कहानी से जनता त्रस्त हो गई. इनमें से ही एक था मुहम्मद शाह जिसे रंगीन तबीयत के कारण ‘रंगीला’ की उपाधि दी गई थी. तलवार की बजाय उसे लड़कियों के कपड़े और शायरी ज्यादा पसंद आती थी. .रफ़ीउद्दौला की मृत्यु के बाद सैय्यद बन्धुओं ने मुहम्मदशाह रौशन अख़्तर को गद्दी पर बैठाया। वह वह अपना अधिकांश समय पशुओं की लड़ाई देखने तथा वेश्याओं और मदिरा के बीच गुजारता था।

मुहम्मद शाह रंगीला ने करीब 30 साल तक राज किया और इस दौरान उसने खुद कोई लड़ाई नहीं छेड़ी. उसकी जिंदगी मौज में कट रही थी. सुबह-सुबह कभी मुर्गों की लड़ाई, कभी घुड़दौड़, दिन में तरह-तरह के संगीत और फिर इसके बाद आशिकी. बादशाह के बारे में कहा जाता है कि वो लड़कियों के कपड़े पहनकर नाचते थे और इसी बात पर उसका मजाक भी बनाया जाता था.

जब नादिरशाह दिल्ली के पास पहुंचा, तो बादशाह रंगीला अपनी फौज के साथ उसका सामना करने के लिए खड़े हो गए. लेकिन बाद में वो अपने मंत्रियों के समझाने पर नादिरशाह से समझौते के लिए राजी हो गया .नादिरशाह की मांग के मुताबिक़ बादशाह रंगीला ने अपना खजाना नादिर के लिए खोल दिया. नादिर को जो हाथ लगा उसने ले लिया. लेकिन उसे एक चीज की तलाश थी और वो था कोहिनूर का हीरा. रंगीला उसे बहुत पसंद करते थे और नादिर उसे ले जाना चाहता था, लेकिन बादशाह उसे देना नहीं चाहता था.लेकिन एक वजीर ने उससे कुछ कहा और वो जाने को तैयार हो गया. जाते वक्त बादशाह नादिर को रुख्सत करने के लिए आया और नादिर को गले लगाया.

नादिर ने बादशाह से कहा कि हमारे यहां रिवाज है कि जाते वक्त हम अमामे बदल लेते हैं. तो आप मुझे अपना मुकुट दे दो और आप मेरा ले लो. बादशाह सकते में आ गया असल में बादशाह ने कोहिनूर अपने मुकुट में छुपा रखा था और वजीर ने यही बात नादिर को बताई थी.रंगीला नादिरशाह की इस चालाकी को ना कहने की हिम्मत ना जुटा सका और इस तरह नादिर शाह ने भारत से कोहिनूर लूट लिया .

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