महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे फ़िरोज़ गाँधी.इंदिरा ने खुद को किया दूर

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भारतीय नेताओं की निजी जिन्दगी सात पर्दों में छिपी हुई रहती है. लेकिन भारत की आयरन लेडी इंदिरा गांधी और उनके पति फ़िरोज़ गाँधी की जिन्दगी में कोई रहस्य नहीं था. ये बात सार्वजनकि थी कि दोनों एक दूसरे को पसंद नहीं करते और सत्ता के गलियारों में उनके बीच रस्साकशी चलती रहती है. फ़िरोज़ और इंदिरा के बीच पैदा हुए तनाव की कई वजह थी जिसमें सबसे बड़ी वजह थी फ़िरोज़ का गैर महिलाओं से सम्बन्ध जिसमें एक बड़े कांग्रेसी नेता की बेटी तारकेश्वरी सिन्हा का नाम सबसे पहले आता है. माना जाता है कि उनके अलावा भी कई महिलाओं से फ़िरोज़ गांधी के गहरे रिश्ते थे .इस तरह फ़िरोज़ अपनी पत्नी की डिक्टेटरशिप के कारण अपने अन्दर पैदा हुए शून्य को भरने की नाकाम कोशिश करते थे.

फ़िरोज़ गांधी का आनंद भवन में प्रवेश इंदिरा गांधी की माँ कमला नेहरू के ज़रिए हुआ था. एक बार कमला नेहरू इलाहाबाद के गवर्नमेंट कालेज में धरने पर बैठी हुई थीं. वो बहुत गर्म दिन था. अचानक कमला नेहरू बेहोश हो गईं.””फ़िरोज़ कमला के पास दौड़ कर पहुंच गए. और उन्हें ले कर आनंद भवन गए. इसके बाद कमला नेहरू जहाँ जाती, फ़िरोज़ गांधी उनके साथ ज़रूर जाते.”

फ़िरोज़ का नेहरू परिवार के साथ उठना बैठना इतना बढ़ गया कि ये बात उनकी माँ रतिमाई गांधी को बुरी लगने लगी. 1942 में तमाम विरोध के बावजूद इंदिरा और फ़िरोज़ का विवाह हुआ. लेकिन साल भर के अंदर ही दोनों के बीच मतभेद होने शुरू हो गए. इंदिरा गाँधी ने फ़िरोज़ के बजाए अपने अपने पिता के साथ रहना शुरू कर दिया.. इस बीच फ़िरोज़ का नाम कई महिलाओं के साथ जोड़ा जाने लगा.

इंदिरा गांधी दिल्ली में रहती थीं, फ़िरोज़ लखनऊ में रहते थे. दोनों के बीच एक आदर्श पति पत्नी का संबंध कभी नहीं पनप पाया. फ़िरोज़ गांधी स्मार्ट थे. बोलते बहुत अच्छा थे. उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अच्छा था. इसलिए महिलाएं उनकी तरफ़ खिंची चली आती थी. नेहरू परिवार की भी एक लड़की के साथ जो नेशनल हेरल्ड में काम करती थी, उनके संबंधों की अफवाह उड़ी.”उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ मुस्लिम मंत्री की बेटी के साथ भी फ़िरोज़ गांधी का नाम जुड़ा. फ़िरोज़ गांधी इंदिरा गाँधी से अलग होकर उस लड़की से शादी भी करने को तैयार थे. लेकिन वो तमाम मामला बहुत मुश्किल से सुलझाया गया.नेहरू कैबिनेट में एक मंत्री तारकेश्वरी सिन्हा से भी फ़िरोज़ गांधी की काफ़ी नज़दीकियाँ थीं.”जब इस सम्बन्ध की खबर पंडित नेहरु को लगी तो उन्होंने फ़िरोज़ गाँधी को इस बारे में चेतावनी भी दी लेकिन फ़िरोज़ ने उनकी बात नहीं मानी .तब तारकेश्वरी सिन्हा को केबिनेट से हटाकर किसी राज्य का राज्यपाल बनाकर दिल्ली से विदा कर दिया गया.

1959 में जब इंदिरा ने केरल में कम्यूनिस्ट सरकार को ग़ैरसंवैधानिक तरीके से गिराया तो मियाँ बीवी में ज़बरदस्त झगड़ा हुआ. उसी शाम को फ़िरोज़ ने घर छोड़ दिया और उसके बाद वो वहाँ कभी नहीं गए. जब उनकी मौत हुई तब ही उनके पार्थिव शरीर को तीन मूर्ति ले जाया गया.” एक बार डॉम मोरेस ने इंदिरा गांधी से पूछा था-आपको सबसे ज़्यादा तकलीफ़ किसकी मौत से हुई. इंदिरा का जवाब था, “मेरे पति फ़िरोज़ क्योंकि वो अचानक इस दुनिया से चले गए थे. उनके शब्द थे- मैं शायद फ़िरोज़ को पसंद नहीं करती थी, लेकिन मैं उन्हें प्यार करती थी.”

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