जब अलाउद्दीन खिलजी की बेटी ने एक हिन्दू राजकुमार की मुहब्बत में जान लुटा दी

0
735

अलाउद्दीन खिलजी के अत्याचार और रानी पद्मिनी के जौहर से भारत का इतिहास बखूबी वाकिफ है. अलाउद्दीन एक विलासी शासक था जिसने मर्दों और औरत के अलग-अलग हरम बना रखे थे .भला ऐसे शासक के लिए प्यार मुहब्बत जैसी चीजें क्या मायने रखती होंगी ,लेकिन अलाउद्दीन के खानदान में ही एक ऐसा शख्स भी हुआ जिसने अपने प्यार के लिए जिसने प्यार की खातिर जान भी गँवा दी और वो भी एक हिन्दू राजकुमार के लिए .ये थी अलाउद्दीन की बेटी फिरोजा .

जब अलाउद्दीन खिलजी की सेना गुजरात के सोमनाथ मंदिर को खंडित करने के बाद शिवलिंग को लेकर दिल्ली लौट रही थी तभी जालौर के शासक कान्हड़ देव चौहान ने शिवलिंग को पाने के लिए मुगलों की सेना पर हमला कर दिया था.इस हमले में अलाउद्दीन की सेना को हार का सामना करना पड़ा औरअपनी जीत के बाद कान्हड़ देव ने उस शिवलिंग को जालौर में स्थापित करवा दिया.बताया जाता है कि जब अलाउद्दीन को अपनी सेना की हार का पता चला तब उसने इस युद्ध के मुख्य योद्धा और कान्हड़ देव चौहान के बेटे वीरमदेव को दिल्ली बुलाया. दिल्ली पहुंचने के बाद अलाउद्दीन खिलजी की बेटी फिरोजा की नजर राजकुमार वीरमदेव पर पड़ी और उसे पहली नजर में ही राजकुमार से प्यार हो गया.

फिरोजा ने अपने पिता खिलजी से कहा कि वो राजकुमार से प्रेम करती है और उससे शादी करना चाहती है. आखिरकार अपनी बेटी के इस जिद के आगे अलाउद्दीन हार गया और उसने अपनी बेटी के रिश्ते का प्रस्ताव वीरमदेव के सामने रखा. वीरमदेव ने वक्त की नजाकत समझते हुए इस रिश्ते पर विचार करने के लिए समय माँगा लेकिन जालौर लौटने पर इस रिश्ते के लिए मना कर दिया.

जब वीरमदेव ने अलाउद्दीन की बेटी से रिश्ते का प्रस्ताव ठुकरा दिया तब गुस्से में आकर अलाउद्दीन ने अपनी सेना के साथ जालौर पर हमला कर दिया.खिलजी वीरमदेव को बंदी बनाकर रखना चाहता था उधर उसकी बेटी वीरमदेव के प्यार को पाने के लिए दिन-रात तड़प रही थी. अलाउद्दीन ने एक बड़ी फौज तैयार करके जालौर भेजा और उसकी सेना से लड़ते हुए वीरमदेव वीरगति को प्राप्त हुए.वीरमदेव की मौत की खबर सुनकर फिरोजा अंदर से बिल्कुल टूट सी गई और उसने यमुना नदी में कूदकर अपनी जान दे दी.फिरोजा राजकुमार वीरमदेव से एक-तरफा मोहब्बत करती थी और उस हिंदू राजकुमार की मौत के बाद अपनी जान देकर फिरोजा ने अपने प्यार को हमेशा-हमेशा के लिए अमर कर दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here