जब एक क्रांतिकारी को जिताने के लिए अटल ने खुद की जमानत जब्त करा ली

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पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1957 में लड़ा था. भारतीय जनसंघ पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था. अटल ने पहला चुनाव यूपी के बलरामपुर और मथुरा लोकसभा सीट से लड़ा, लेकिन हैरत की बात यह है कि बलरामपुर से चुनाव जीतने वाले अटल की मथुरा में ज़मानत जब्त हो गई थी. हालांकि कहते हैं कि इस हार में भी उनकी जीत हुई थी.

मथुरा में चल रही अपनी ही जनसभा में अटल ने अपने विरोधी उम्मीदवार राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के लिए वोट मांगे थे. मुरसान रियासत के राजा महेन्द्र प्रताप सिंह ने पहली लोकसभा 1952 का चुनाव मथुरा से लड़ा और चुनाव हार गए .. राजा एक क्रांतिकारी भी थे. आजादी की कई लड़ाई में उन्होंने हिस्सा लिया था.राजा की इस हार से बाजपेयी जी काफी दुखी थे और वो चाहते थे की इस शख्स को लोकसभा जरूर पहुंचना चाहिए .संयोग से 1957 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ ने अटल जी को मथुरा से चुनाव लड़ने का हुक्म दिया .अटल के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले राजा महेन्द्र प्रताप थे.’

तब मथुरा के गांधी पार्क में चल रही अपनी एक जनसभा में अटल ने कहा था, ‘मथुरा वालों जैसा प्यार आप मुझे दे रहे हो, ठीक वैसा ही प्यार मुझे बलरामपुर में भी मिल रहा है. इसलिए मैं चाहता हूं कि मथुरा से आप राजा महेन्द्र प्रताप को जिताओ और मेरी चिंता मत करो. ऊपर वाले ने चाहा तो मैं बलरामपुर से जीत जाऊंगा.’

हुआ भी ऐसा ही. अटलजी बलरामपुर से चुनाव जीत गए, लेकिन मथुरा में उनकी जमानत जब्त हो गई. एक क्रांतिकारी को जिताने के लिए अटल ने खुद ही हार को गले लगा लिया था.

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