जब मेनका गांधी की एक सीडी ने तबाह किया बाबू जगजीवन राम का राजनैतिक करियर | Mix Pitara

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70के  दशक में बाबू जगजीवन राम दलितों के एकछत्र नेता थे और  भारतीय राजनीति में उनका कद काफी बड़ा माना जाता था. भारत की पहली गैरकांग्रेसी यानि जनता पार्टी की सरकार में वो प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन चौधरी चरण सिंह और जनसंघ की वजह से ये संभव नहीं हो पाया .इसके बावजूद पार्टी में उनकी हैसियत प्रधानमंत्री से भी बड़ी थी. लेकिन मेनका गांधी ने बाबू जगजीवन राम के खिलाफ ऐसी चाल चली कि उनका राजनैतिक करियर की तबाह हो गया. 

1978 में  जगजीवन राम के बेटे सुरेश राम एक सेक्‍स स्‍कैंडल में फंस गए. कहा जाता है कि जाने-माने नेता जगजीवन राम के बेटे सेक्स स्कैंडल में न फंसे होते तो वह देश के पहले दलित पीएम बन सकते थे।  सूर्या नाम की एक पत्रिका में कुछ तस्वीरें छपीं थी जिसमें जगजीवन राम के बेटे सुरेश राम एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए आपत्तिजनक स्थिति में दिखे थे। इन तस्वीरों ने सियासी गलियारे में भूचाल ला दिया था। कहते है कि ये स्‍कैंडल जगजीवन राम के राजनीतिक करीयर को खत्‍म करने के लिए सामने लाया गया था।

बता दें कि जिस पत्रिका में ये तस्‍वीरें छपी थी उसकी संपादक कोई और नहीं बल्कि इंदिरा गांधी की बहू मेनका गांधी थीं।मेनका गांधी ने इस मामले को काफी उछाला और दलितों के मसीहा माने जाने वाले जगजीवन राम   राजनीति में अछूत बन कर रह गए .

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