करूणानिधि ने ऐसे देवेगौड़ा को बनाया था भारत का प्रधानमंत्री | Mix Pitara

विपक्ष की इस खिचड़ी को एक ऐसे नेता की जरूरत थी जो कांग्रेस जिसके समर्थन से सरकार बननी थी का पपेट साबित हो.करूणानिधि  सहित कई नेताओं को देवेगौडा में ये गुण नजर आया और .करुणानिधि के सुझाव पर एच.डी. देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री बना दिया गया .

0
62

भारत की राजनीती में कभी-कभी खोटे सिक्के भी खूब चलते हैं.हैरत की बात ये है कि जिस राजनीति में हर नेता सत्ता की सबसे ऊँची कुर्सी पर बैठने का सपना देखता हो वहां कोई गुमनाम सा शख्स इस कुर्सी पर बैठ जाए ऐसा भारतीय राजनीति में ही हो सकता है .
1991 के लोकसभा चुनाव में कर्णाटक में देवगौड़ा की पार्टी को महज 46 सीट मिली थी .जाहिर है विपक्ष की संयुक्त सेना में उनका कोई ख़ास वजूद नहीं था .लेकिन अचानक उनका नाम प्रधानमंत्री की रेस में आ गया और ये करिश्मा दिखाया उस साल तमिल राजनीति में जीरो साबित हुए करूणानिधि ने .

1991 में करुणानिधि की पार्टी डीएमके को एक भी सीट पर विजय नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि दिल्ली की राजनीति में उनका वजूद काफी कम हुआ। लेकिन 96 के चुनाव में करूणानिधि ने अपने सहयोगी तमिल मनीला कौंग्रेस के सहयोग से लोकसभा की 47 सीटों पर कब्जा कर किंगमेकर की भूमिका में आ गए . करुणानिधि चाहते थे कि वीपी सिंह फिर प्रधानमंत्री बनें, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.विपक्ष की इस खिचड़ी को एक ऐसे नेता की जरूरत थी जो कांग्रेस जिसके समर्थन से सरकार बननी थी का पपेट साबित हो.करूणानिधि  सहित कई नेताओं को देवेगौडा में ये गुण नजर आया और .करुणानिधि के सुझाव पर एच.डी. देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री बना दिया गया .

देवेगौडा 10 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष ने सीताराम केसरी ने उनकी सरकार गिरा दी .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here