सिंधिया परिवार का वो श्राप जो माधव राव के प्लेन क्रेश की वजह बनी | Mix Pitara

ग्वालियर के लोगों के मुताबिक़ सिंधिया परिवार को एक श्राप है जिसके मुताबिक़ इस परिवार का कर्ता-धर्ता 55 साल की उम्र से ज्यादा ज़िंदा नहीं रह सकता .

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संजय गांधी और माधव राव सिंधिया मित्र थे. संजय को फ्लाइंग का शौक था. मई 1980 इंदिरा गांधी के करीबी रहे धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने संजय के लिए छोटा विमान विदेश से मंगाया. 20 जून 1980 को क्लब के इंस्ट्रक्टर ने विमान को उड़ाकर देखा. इसके बाद 21 जून को संजय ने पहली बार इस प्लेन का ट्रायल लिया. माधवराव सिंधिया से संजय गांधी ने कहा कल उनको प्लेन से दिल्ली की सैर करना है. 23 जून की सुबह इस एयरक्राफ्ट से उड़ान भरना तय हुआ. लेकिन माधवराव नहीं पहुंच पाए. संजय ने इंतजार के बाद उड़ान भरी और थोड़ी ही देर बाद उनका प्लेन क्रैश हो गया. किस्मत ने उस घटना में माधव राव सिंधिया का साथ दिया और वो बाल बाल बाख गए .
लेकिन तकरीबन इक्कीस साल बाद 30 सितंबर 2001 को शायद सिंधिया की किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया . वो एक हवाई यात्रा ही उनकी अंतिम यात्रा बनी. पार्टी के वरिष्ठ और सबसे तेज तर्रार नेताओं में शुमार किए जाने वाले माधव राव सिंधिया का निधन हवाई दुर्घटना में हो गया था. वो एक रैली में भाषण देने के लिए कानपुर जा रहे थे.फौरी तौर पर तो ये एक दुर्घटना ही थी लेकिन इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी प्रचलित है.

ग्वालियर के लोगों के मुताबिक़ सिंधिया परिवार को एक श्राप है जिसके मुताबिक़ इस परिवार का कर्ता-धर्ता 55 साल की उम्र से ज्यादा ज़िंदा नहीं रह सकता .सिंधिया परिवार पर ये श्राप महादजी सिंधिया के समय से ही चला आ रहा है. किन्वंदंतियों के अनुसार इस परिवार में जिसका भी नाम एम् अक्षर से शुरू होगा उसकी अकाल मौत तय है. क्या वाकई यही श्राप माधव राव की मौत का कारण बनी ? ये तो आज भी एक रहस्य ही है.

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