जयललिता ने करूणानिधि से ऐसे लिया अपने ‘चीरहरण’ का बदला | Mix Pitara

30 जून 2001 को रात डेढ़ बजे चेन्नई पुलिस करूणानिधि के घर में घुस गई .उस समय करूणानिधि सो रहे थे. पुलिस दरवाजा तोड़ उनके कमरे में घुस गई और उन्होंने घसीटते हुए बाहर लाया और जबरन पुलिस वैन धकेल दिया। ये गिरफ्तारी इतनी शर्मनाक थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने इसकी निंदा करते हुए जांच समिति बैठा दी।

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25 मार्च 1989 का दिन था. तमिलनाडु विधानसभा में बजट पेश किया जा रहा था. जैसे ही मुख्यमंत्री करुणानिधि ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया कांग्रेस के सदस्य ने प्वाएंट ऑफ़ ऑर्डर उठाया कि पुलिस ने विपक्ष की नेता जयललिता के ख़िलाफ़ अप्रजातांत्रिक ढ़ंग से काम किया है.

जयललिता ने भी उठ कर शिकायत की कि मुख्यमंत्री के उकसाने पर पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की है और उनके फ़ोन को टैप किया जा रहा है. स्पीकर ने कहा कि वो इस मुद्दे पर बहस की अनुमति नहीं दे सकते क्योंकि बजट पेश किया जा रहा है.ये सुनना था कि विधानसभा सदस्य बेकाबू हो गए. एआईडीएमके के सदस्य चिल्लाते हुए सदन के वेल में पहुंच गए. एक सदस्य ने ग़ुस्से में करुणानिधि को धक्का देने की कोशिश की जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और उनका चश्मा ज़मीन पर गिर कर टूट गया. एक एआईडीएमके सदस्य ने बजट के पन्नों को फाड़ दिया.

विधानसभा के अध्यक्ष ने सदन को स्थगित कर दिया. जयललिता की जीवनी ‘अम्मा जर्नी फ़्राम मूवी स्टार टु पॉलिटिकल क्वीन’ लिखने वाली वासंती बताती हैं, “जैसे ही जयललिता सदन से निकलने के लिए तैयार हुईं, एक डीएमके सदस्य ने उन्हें रोकने की कोशिश की. उसने उनकी साड़ी इस तरह से खींची कि उनका पल्लू गिर गया. जयललिता भी ज़मीन पर गिर गईं.”

एक बलिष्ट एआईडीएमके सदस्य ने डीएमके सदस्य की कलाई पर ज़ोर से वार कर जयललिता को उनके चंगुल से छुड़वाया. अपमानित जयललिता ने पांचाली की तरह प्रतिज्ञा ली की कि वो उस सदन में तभी फिर कदम रखेंगी जब वो महिलाओं के लिए सुरक्षित हो जाएगा. दूसरे शब्दों में वो अपने आप से कह रही थीं कि वो अब तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री के तौर पर ही वापस आएंगी.”‘जयललिता ने इसे कभी माफ़ नहीं किया जाने वाला अपमान कहा था और क़सम खाई थी कि वो विधानसभा में तभी लौटेंगी जब करुणानिधि सत्ता से बाहर होंगे.”

जिसके बाद जयललिता मुख्यमंत्री बनकर लौंटी। 1991 में वह पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री चुनी गईं। जब जयललिता सत्ता में आईं तो उन्होंने करुणानिधि को उनके घर से आधी रात को गिरफ़्तार करवा लिया.”लेकिन ये गिरफ्तारी मामूली नहीं थी. 30 जून 2001 को रात डेढ़ बजे चेन्नई पुलिस करूणानिधि के घर में घुस गई .उस समय करूणानिधि सो रहे थे. पुलिस दरवाजा तोड़ उनके कमरे में घुस गई और उन्होंने घसीटते हुए बाहर लाया और जबरन पुलिस वैन धकेल दिया। ये गिरफ्तारी इतनी शर्मनाक थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने इसकी निंदा करते हुए जांच समिति बैठा दी। लेकिन तब तक जयललिता ने अपने चीरहरण का बदला ले लिया था.

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