जब मुलायम सिंह ने मायावती को 9 घंटे तक बंधक बना कर रखा | Mix Pitara

0
270

1993 में यूपी विधानसभा चुनाव हुए थे। पहली बार यह चुनाव सपा और बसपा ने मिलकर लड़ा था।। गठबंधन की जीत हुई और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव यूपी के सीएम बने थे, लेकिन यह गठबंधन ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया। दोनों पार्टियों में मतभेद शुरू हो गए।दरअसल इस गठबंधन के खिलाफ प्रदेश भाजपा ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी। भाजपा मायावती की इस कमजोरी से बखूबी वाकिफ थी कि मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने को बेताब है. बीजेपी ने मायावती की इसी कमी का फायदा उठाते हुए उन्हें सीएम बनाने का ख्वाब दिखाना शुरू कर दिया. बीजेपी के झांसे में आते हुए बसपा ने सपा से एक जून 1995 को मुलायम सरकार से समर्थन वापस ले लिया। इसी के साथ ही सूबे में मुलायम की सरकार अल्पमत में आ गई।

बसपा के इस कदम से मुलायम सिंह और उनकी पार्टी बुरी तरह बौखला उठी। समर्थन वापसी के अगले दिन यानि दो जून 1995 को मायावती राजधानी के मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपीगेस्ट हाउस में ठहरीं थी। बसपा के समर्थन वापसी से गुस्साए सपाइयों ने गेस्टहाउस को बाहर से घेर लिया ।गेस्टहाउस के कमरा नंबर 1 में मायावती बसपा के एमएलए और कार्यकर्ता भी मौजूद थी। उस वक्त डरी-सहमी मायावती ने खुद को बचाने के लिए कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया । उस दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सपा के कार्यकर्ताओं मायावती के कमरे का दरवाजा तोड़ घुस गए और बसपा-सपा के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मायावती को बचाने के लिए भाजपा नेता लालजी टंडन अपने समर्थकों के साथ पहुंचे । उन्होंने 9 घंटे बंधक बने रहने के बाद मायावती को सुरक्षित निकाला था। इसी घटना के बाद से लालजी टंडन को मायावती अपना भाई मानने लगीं थी।इस घटना को उत्तर प्रदेश की राजनीति का काला अध्याय कहा जाता है.

दोबारा हुए चुनावों में भाजपा के समर्थन से मायावती यूपी की सीएम बनीं। वहीं, गेस्ट हाउस कांड मामले में हजरतगंज कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हुए। इसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, उनके छोटे भाई शिवपाल यादव, सपा के वरिष्ठ नेता धनीराम वर्मा, आजम खान और बेनी प्रसाद वर्मा जैसे कई नेता और कार्यकर्ता नामजद हुए। हालांकि,बाद में बसपा और बीजेपी में मतभेद के चलते यह गठबंधन सरकार भी 18 महीनों में ही गिर गई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here