कोल्हापुरी चप्पल पहन विमान उड़ा रहे थे संजय गांधी, हो गया हादसा

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दिल्ली के आसमान में 23 जून 1980 को एक ऐहासिक घटना घटी .एक विमान हादसे में प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के पुत्र संजय गांधी की मौत हो गई थी। इस विमान दुर्घटना को लेकर अभी भी कई तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं.राजीव और संजय गाँधी दोनों को गति और मशीनों से गहरा लगाव था. एक ओर जहाँ राजीव विमानन नियमों का पालन करते थे वहीं संजय विमान को कार की तरह चलाया करते थे.तेज़ हवा में कलाबाज़ियां खाना उनका शौक हुआ करता था. 1976 में उन्हें हल्के विमान उड़ाने का लाइसेंस मिला था, लेकिन इंदिरा गाँधी के सत्ता से हटते ही जनता सरकार ने उनका लाइसेंस छीन लिया था.इंदिरा गाँधी के सत्ता में दोबारा वापस आते ही उनका लाइसेंस भी उन्हें वापस मिल गया था.

23 जून को ठीक सात बजकर 58 मिनट पर संजय गाँधी ने टू सीटर छोटे विमान से टेक ऑफ़ किया. संजय ने सुरक्षा नियमों को दरकिनार करते हुए रिहायशी इलाके के ऊपर ही तीन लूप लगाए.वो चौथी लूप लगाने ही वाले थे कि विमान के इंजन ने काम करना बंद कर दिया है. पिट्स तेज़ी से मुड़ा और नाक के बल ज़मीन से जा टकराया.संजय गाँधी का शव विमान के मलबे से चार फ़ीट की दूरी पर पड़ा था.

माना जाता है कि राजीव गांधी, जो कि एक ट्रेंड पायलट थे, हमेशा संजय को विमान उड़ाने वक्त जूते पहनने की सलाह दिया करते थे और चप्पल पहन कर विमान उड़ाने से मना करते थे, लेकिन संजय ने कभी उनकी बात नहीं मानी। इस विमान को उड़ाते वक़्त संजय गांधी ने कोल्हापुरी चप्पल पहन रखी थी। पत्रकार विनोद गुप्ता ने संजय गांधी पर लिखी अपनी किताब में इसी कोल्हापुरी चप्पल को उनकी मौत को जिम्मेदार बताया है.

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