ऐसे चंद्रा स्वामी की भक्त बनी थी पूर्व ब्रिटिश पी एम मार्गरेट थैचर | Mix Pitara

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भारतीय राजनीति में तांत्रिक चंद्रा स्वामी की पहचान एक विवादास्पद व्यक्ति की रही है लेकिन इसके बावजूद चंद्रा स्वामी की देश ही नहीं विदेशों के प्रभावशाली नेताओं के बीच सीधी पहुँच थी .उनके मुरीदों में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का नाम भी शामिल है. मार्गरेट थैचर तो अपने पद को चंद्रा स्वामी का ही आशीर्वाद मानती थी लेकिन खुद भारत में स्वामी को एक ढोंगी तांत्रिक माना जाता था जिन्हें तंत्र-मंत्र का कोई ज्ञान नहीं था लेकिन वो सम्मोहन की कला जानते थे .

मार्गरेट थैचर बीसवीं सदी में चर्चिल के बाद ब्रिटेन की सबसे काबिल प्रधानमंत्री रही है. स्वामी और मार्गरेट थैचर की मुलाक़ात तब भारत के उप उच्चायुक्त रहे नटवर सिंह ने करवाई थी. चंद्रास्वामी अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं बोलना जानते थे.”इस मुलाक़ात में नटवर सिंह ने दुभाषिए का काम किया .मुलाक़ात के दौरान स्वामी ने मार्गरेट थैचर को कागज़ के पांच टुकड़े दिए और सभी पर सवाल लिखकर, अच्छी तरह मोड़कर काग़ज़ पर बने खांचों में रखने को कहा.

चंद्रास्वामी ने ध्यान लगाया और थैचर से कोई एक सवाल खोलकर मन ही मन पढ़ने को कहा.फिर चंद्रास्वामी ने बताया कि सवाल क्या था. नटवर सिंह ने अंग्रेजी में अनुवाद करके थैचर को समझाया.सवाल बिल्कुल सही था.चौथे सवाल तक आते-आते भविष्य की लौह महिला का व्यवहार बदल गया था. वह चंद्रास्वामी को एक आम व्यक्ति के बजाय एक सिद्ध पुरुण की तरह देखने लगी थीं.पांचवा सवाल भी सही निकला.उन्होंने कई सवाल पूछे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर था.

चंद्रास्वामी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और भविष्यवाणी की कि वह नौ, ग्यारह या तेरह साल के लिए प्रधानमंत्री बनेंगी.थैचर ने आखिरी सवाल किया कि वह प्रधानमंत्री कब बनेंगी?चंद्रास्वामी ने घोषणा की, “तीन या चार साल में.”वह सही साबित हुए. थैचर ग्यारह साल तक प्रधानमंत्री रहीं. इस तरह ब्रिटेन की राजनीति में चंद्रा स्वामी की धाक जम गई .

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