अजातशत्रु :पिता विम्बिसार को कैद कर बना था राजा,बेटे के हाथों मारा गया

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भारत के प्रतापी राजाओं में मगध सम्राट अजातशत्रु का नाम भी शामिल है. ‘अजातशत्रु’ मगध का सम्राट था, जोकि अपने पिता ‘बिंबिसार’ को जेल में डालकर सत्ता पर काबिज हुआ था. 491 ई.पू. के आसपास उसने सेना की मदद से पिता विम्बिसार को कैद कर लिया और मगध की गद्दी पर जा बैठा.

सत्ता संभालते ही उसने विस्तारवादी नीति को अपनाया और अपने सम्राज्य को बढ़ाना शुरु कर दिया. कहते हैं कि उसके सिर पर जीतने का जूनून इस कदर चढ़ा था कि वह अपने रास्ते में आने वाले किसी भी आदमी को नहीं छोड़ता था.उसकी योजना कामयाब रही और वह एक-एक करके उसने अंग, लिच्छवी, वज्जी, और काशी जैसे जनपदों पर अपना आधिपत्य जमाने में सफल रहा. साथ ही अपनी नीतियों के चलते मगध को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में सफल रहा.

एक दिन वह भोजन कर रहा था. उसी दौरान उसके पास उसका बेटा खेल रहा था. बेटे को इस तरह खेलते हुए उसके प्रति अजातशत्रु का प्यार उमड़ा तो उसने उसे गले से लगा लिया और उसे खाने खिलाने की कोशिश करने लगा. इसी बीच उसके बेटे ने अचानक पेशाब कर दिया जिसकी कुछ बूंदे उसकी प्लेट में गिर गई. वह गुस्से से अपने बेटे को गोदी से उतार सकता था, किन्तु उसने ऐसा न करते हुए खाना जारी रखा. कुछ देर बाद अपने बेटे को देखकर उसे अपने पिता के प्रति प्रेम उमड़ आया.

बस फिर क्या था वह अपने आपको रोक नही सका और अपने पिता को जेल से निकालने चल दिया.लेकिन उसी दिन विम्बिसार ने ख़ुदकुशी कर ली। बिंबिसार की खुदकुशी ने अजातशत्रु को तोड़ दिया. कहते हैं कि वह इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानता रहा. इस कारण उसका मन बहुत ज्यादा दुखी था. वह मानसिक शांति के लिए इधर-उधर जाता रहता. इसी कड़ी में बाद में वह बुद्ध की शरण में गया, जहाँ माना जाता है कि उसे वहीं एक हद तक आत्मिक शांति मिली, तो वह बुद्ध का परम अनुयायी बन गया.

जिस तरह से उसने पिता को हटाकर सत्ता हासिल की थी, ठीक उसी तरह उसके पुत्र ‘उदयभद्र‘ ने किया. साथ ही 461 ई.पू. में अपने पिता को मारकर करीब 16 साल तक मगध पर राज किया.

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