इन महिलाओं का नाम सुनकर आज भी कांप उठती है मुंबई की रूह | Mix Pitara

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अमूमन ऐसा माना जाता रहा है कि अपराध जगत में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है. लेकिन मुंबई का अंडरवर्ल्ड इसका अपवाद रहा है. कभी अंडरवर्ल्ड के जन्नत रहे मुंबई में एक से एक ऐसी महिला डॉन रही जिनके कारनामे सुनकर रूह काँप जाती है. तो आइये डालते हैं मुंबई की मुहिला डॉन और उनके कारनामों पर एक नजर

रेशमा मेमन और शबाना मेमन अंडरवर्ल्ड के मजबूत खिलाड़ी टाइगर मेमन की पत्नी और साली हैं। मुंबई के बम धमाकों में इन्हें भी आरोपी बनाया गया था . 1993 के धमाकों में 257 लोग मारे गए, तो 713 लोग घायल हुए। दोनों ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। माना जा रहा है कि दोनों पाकिस्तानी शहर कराची में रह रही हैं।

रुबिना सिराज सैयद-द हीरोइन: रुबिना सिराज सैयद छोटा शकील की प्रेमिका रही है। बेहद खूबसूरत रुबिना ने अपनी सुन्दरता का भरपूर उपयोग करते हुए लोगों तक पहुंच बनाई और छोटा शकील के गैंग को भी संभाला। ये छोटा शकील गैंग के लोगों को भोजन, हथियार और पैसे मुहैया कराती थी, जो जेल में बंद थे। मौजूदा समय में रुबिना सिराज के बारे में किसी को कोई खबर नहीं है। कहा जाता है कि वो शकील के साथ पाकिस्तान में छिपी है।

शशिकला रमेश पाटनकर : मुंबई में सबसे बड़े ड्रग माफियाओं में कभी शशिकला रमेश पटानकार का सिक्का चलता था। दूध बेचने के धंधे से शुरुआत कर भीतर ही भीतर कब वे जहर बेचने के धंधे में आ गईं लोगों को पता ही नहीं चला। दो दशकों तक वे ड्रग माफिया की दुनिया में छायी रहीं। इससे उन्होंने 100 करोड़ रुपए तक की प्रॉपर्टी तैयार कर ली। 2015 में मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बेला आंटी : 70 के दशक में बेला आंटी का नाम मुंबई की सबसे ताकतवर गैंगस्टर्स में शुमार था। अवैध शराब कारोबार में उन्होंने कई अन्य गंभीर अपराधों को भी अंजाम दिया। उनकी शराब की गाड़ियों को रोकने की न तो पुलिस में हिम्मत थी और न ही दूसरे गैंगस्टर्स की।

गंगूबाई : गंगुबाई ने प्यार में धोखा खाया और खुद को एक कोठे पर पाया. जिन्दगी की इसी क्रूरता ने उन्हें मुंबई के कमाठीपुरा में डॉन बना दिया. वेश्या व्यवसाय को बंद करने के लिए कार्य वाही चलने लगी थी तब वेश्याओं ने आन्दोलन छेड़ दिया, कहा जाता है की तब प्रधानमंत्री नेहरू से इस मसले पर बात करने गंगूबाई गई थी. वहा पर नेहरू ने गंगुबाई से निवेदन किया कि उसे अच्छी नौकरी और पति मिलेगा. इस पर जवाब देते हुए गंगू बाई ने नेहरु को शादी का प्रस्ताव रखा. नेहरु गुस्से से लाल हो गए तब गंगुबाई ने सरल सी बात कही कि “उपदेश देना आशान, और उस पर अमल करना बहुत ही मुश्किल होता है”.

हसीना पारकर : दाऊद के भारत से विदेश भाग जाने के कुछ साल तक तो खुद उसने स्वयं यहां के आपराधिक कारोबार पर नियंत्रण रखा लेकिन मुंबई बम धमाकों में प्रमुख अभियुक्त करार दिए जाने के बाद उस पर पुलिस की चौकस निगाहें रहने और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से भी बढ़ती तनातनी के कारण दाऊद ने अपनी गैंग की यहां की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना छोड़ दिया। इसके बाद से ही मुंबई समेत आसपास के माफिया कारोबार पर उसकी बहन हसीना पारकर ने कब्जा जमा लिया। ये बात दीगर है कि पुलिस को हसीना की इन सब गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद वह पुख्ता सबूतों के अभाव में उस पर हाथ नहीं डाल सकी। सबूतों के अभाव में पुलिस हसीना पर शिकंजा नहीं कस सकी।

आशा गवली : मुंबई के ही अरुण गवली के बारे में सब जानते हैं। अरुण गवली जब वह आपराधिक मामलों को लेकर जेल में बंद था तब उसके गिरोह का संचालन उसकी पत्नी आशा गवली ही किया करती थी।

नीता नाइक : माफिया सरगना अश्विन नाइक का मामला भी कुछ इसी तरह का है। उसके भी जेल में बंद होने के दौरान गिरोह की कमान उसकी पत्नी नीता नाइक के हाथों में होती थी, हालांकि बाद में नीता ने राजनीति में किस्मत आजमाने के लिए शिवसेना का दामन थाम लिया था और मुंबई से वह नगर सेविका भी चुनी गई लेकिन नीता के चरित्र पर शक होने के कारण अश्विन ने उसकी हत्या करवा दी।

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