क्या अकबर की बीवी नादिरा बेगम ही थी सलीम की ‘अनारकली’?

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भारतीय इतिहास में जब भी अमर प्रेम कहानियों का जिक्र होता है तो सलीम और अनारकली का नाम जरूर आता है। कुछ इतिहासिकार मानते हैं कि सलीम और अनारकली की प्रेम कहानी काल्पनिक है। वहीं कुछ इतिहासकार ये भी दावा करते हैं कि असल प्रेम कहानी अनारकली और सलीम नहीं बल्कि अकबर और अनारकली की है।

अनारकली का असली नाम नादिरा बेगम था। उसे शर्फुन्निसा भी कहा जाता था। नादिरा ईरान से लाहौर तक व्यापारियों के एक समूह के साथ आई थीं। बताते हैं कि जिसने भी नादिरा को देखा वो उसका दीवाना हो गया। उसकी खूबसूरती के किस्से अब मशहूर होने लगे थे। ये कहानी अकबर के कानों तक भी पहुंची।उन दिनों के राजा हर मशहूर और नायाब चीज़ को अपने पास ही रखना चाहते थे। नादिरा की खूबसूरती ही थी जो उसे नायाब बनाती थी। फिर क्या था अकबर ने जैसे ही नादिरा बेगम के बारे में सुना उसने नादिरा को अपने महल में बुला लिया।

नादिरा के गाल अनार जैसे लाल थे। इसलिए जैसे ही अकबर ने उसे पहली बार देखा तो देखते ही उसे अनारकली नाम दे दिया। तब से नादिरा बेगम हमेशा के लिए अनारकली हो गईं।ब्रिटिश टूरिस्ट विलियम फिंच ने अपनी किताब में भी अनारकली का जिक्र किया है। फिंच लिखते हैं कि अकबर की कई रानियां थीं। लेकिन सभी रानियों में से सबसे खूबसूरत थी अनारकली। फिंच ने एक दूसरी जगह इस बात का भी जिक्र किया है कि अकबर का अनारकली से एक बेटा भी था। इसका नाम था दानियाल शाह।

जब ये सब हो रहा था तो अकबर का बेटा सलीम देश से बाहर था। जब कई सालों के बाद वो वापस लौटा तो उसके स्वागत में एक आयोजन किया गया। इस आयोजन में ही पहली बार सलीम ने अनारकली को देखा था। पहली बार देखते ही सलीम अनारकली का दीवाना हो गया था। अनारकली भी सलीम की तरफ आकर्षित हो चुकी थीं। लेकिन जब अकबर को इस बात की भनक लगी, तो उसने अनारकली को सलीम से बहुत दूर रहने का आदेश तक दे दिया।लेकिन इसी बीच एक बार अकबर ने अनारकली को पर्दे के पीछे से सलीम को देखते हुए देखा। अकबर ये बात बर्दाश्त नहीं कर पाया। उन्होंने इसके बाद ही अनारकली को दीवारों में चुनवाने का आदेश दे दिया था। बताते हैं कि ये फैसले खुद अकबर के लिए बहुत मुश्किल था क्योंकि वो अपनी सभी रानियों में सबसे ज्यादा अनारकली को ही चाहता था।लेकिन अपनी चाहत को नज़रअंदाज़ करते हुए अकबर ने अनारकली को लाहौर के किले में चुनवाने का आदेश दे डाला।

अकबर का निधन हुआ तो सलीम ने तख्त संभाला। अब सलीम को जहांगीर के नाम से जाना जाता था। लेकिन जहांगीर अपनी पहली मोहब्बत को अब भी नहीं भूल पाया था। इसलिए जिस किले में उसकी मोहब्बत को चुनवा दिया गया था उसने अब उसी किले को अनारकली का मकबरा बना दिया।हालांकि कुछ इतिहासकारों का ये भी मानना है कि जब अनारकली को चुनवाया गया था तो उसी वक्त उसे पीछे की एक सुरंग से निकलवा लिया था। इसके बाद अनारकली ने सलीम से शादी कर ली थी।

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