इस मुग़ल शहजादी के हमेशा पैर छूते थे शाहू जी महाराज ?

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मराठा राजा और औरंगजेब की बेटी के पैर छूए ? है ना अनहोनी बात ? लेकिन औरंगजेब की बेटी जेतुन्निसा ने शम्भा जी के पुत्र शाहूजी महाराज के लिए जो किया उसके बदले इतना सम्मान तो बनता ही है .संभा जी की मौत के बाद औरंगजेब ने उनकी पत्नी येसूबाई और पुत्र शाहू जी को गिरफ्तार कर नजरबन्द कर दिया. औरंगजेब ने अपनी बेटी जेतुन्निसा को ये जिम्मेदारी सौंपी की वो शाहू को पाल-पोस कर एक सच्चा मुस्लमान बना दे .जेतुन्निसा ने बड़ी लगन से शाहूजी महाराज का पालन-पोषण किया. जेतुन्निसा के कारण शाहूजी को आगरे के किले में कई सुविधाएं मौजूद थी .वहीं उन्हें फ़ौजी तरबियत दी गयी और हथियारों के परिचालन की शिक्षा दीक्षा दी गयी .जब शाहू जी साढ़े सत्रह साल के हो गए तो औरंगजेब ने उन्हें मुसलमान बनाने का आदेश दिया .लेकिन शाहू जी की इच्छा जानकार जेतुन्निसा ने औरंगजेब से कहा कि अभी उन्हें इस्लाम की तालीम दी जा रही है जैसे ही उनकी ये तालीम पूरी हो जाएगी उन्हें मुसलमान बना दिया जाएगा .दरअसल जेतुन्निसा थोड़ा वक़्त चाहती थी ताकि औरंगजेब को इसके खिलाफ मनाया जा सके .

इसी बीच 1707 में औरंगजेब की मौत हो गई .उसकी मौत के बाद गद्दी पर बैठे आजम्शाह ने शाहूजी जी को मुक्त करने का फैसला लिया ताकि मराठा राज्य की कमान संभाल रही ताराबाई और शाहू जी के बीच उत्तराधिकार का संघर्ष शुरू हो जाए और शाहू जी को गद्दी मिलने के बाद मराठों की तरफ से मुग़ल सल्तनत को कोई ख़तरा ना रहे .इसी बीच औरंगजेब के बड़े बेटे मुअज्जम यानि बहादुरशाह और आजम शाह के बीच मुग़ल सल्तनत को लेकर युद्ध छिड़ गया. आजम्शाह ने शाहूजी और उसके परिवार के साथ लड़ाई के लिए कूच किया. आगरा के निकट जजाऊ में दोनों सेनाओं की भिडंत हुई जिसमें आजम शाह मारा गया. आजम शाह की मौत होते ही शाहूजी जी अपने साथियों के साथ वहां से निकल गए और बाद में बालाजी विश्वनाथ और धनाजी घोरपडे के साथ मिलकर मराठा राज्य की सत्ता ताराबाई से छीन ली और मराठों के राजा बन गए .

जेतुनिसा ने शाहू जी को अपने भाई की तरह पाला-पोसा था इसलिए शाहूजी के दिल में उसके लिए काफी सम्मान था .बाद में उन्होंने जेतुन्निसा के साथ मिलकर कई मराठा सरदारों को मुगलों की कैद से आजाद करवा लिया था. यहां आपको ये जानकार हैरत होगी कि जब बाजीराव पेशवा ने दिल्ली पर आक्रमण करने जा रहे थे तो शाहूजी जे उन्हें स्पष्ट रूप से कहा था कि इस आक्रमण में जेतुन्निसा को कोई नुकसान ना पहुंचाया जाए .

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