अकबर के हरम में 5000 स्त्रियां करती थी अपनी बारी का इंतज़ार | Mix Pitara

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पिछले दो एपिसोड में आपने बादशाह अकबर की औरतों में दिलचस्पी के बारे में जाना .लेकिन ये तो महज एक झलक भर था .अकबर की औरतों में दिलचस्पी इससे कहीं ज्यादा बड़ी थी. .मुग़ल बादशाहों में अकबर को सबसे विशाल हरम बनाने का क्रेडिट दिया जाता है .इस हरम में देश-विदेश से लाई गई 5000 औरतें अपनी बारी का इंतज़ार करती थी. आइये जानते हैं अकबर के इस विशाल हरम के बारे में …

बादशाह अकबर को खासकर राजपूत स्त्रियों में काफी दिलचस्पी थी .जिसकी सुन्दरता उसे पसंद आती उससे निकाह कर वो अपने महल में ले आता और बीबियों की तादाद बढाता रहता .राजपूतों के साथ हुए युद्ध में उसने हजारों औरतों को बंदी बना कर अपने हरम का हिस्सा बना दिया .जब औरतों की संख्यां बढ़ने लगी तो उसने आगरे के पास 100 एकड़ जमीन को किले में तब्दील कर उसमें विशाल हरम का निर्माण शुरू किया .

इस हरम को बनने में आठ साल लगे .इस किले के अन्दर हजारों छोटे-छोटे अपार्टमेंट बनाए गए और हरेक स्त्रियों को अलग-अलग घर दे दिया जाता .हरम के बनते ही अकबर ने इसमें रखेलों को भरना शुरू कर दिया .भारत की जीती हुई स्त्रियों के अलावा साउथ एशिया की महिलाओं को इस हरम का हिस्सा बनाया गया .अकबर खासकर हव्शी और तातार महिलाओं को ऊँचे दामों पर खरीद्र्ता और उनका इस्तेमाल महिलाओं की सिक्योरिटी गार्ड्स के तौर पर किया जाता .

इस विशाल हरम कीसुरक्षा के दो लेवल थे .पहले लेवल पर तातार औरतें हाथ में नंगी तलवारें लेकर पहरा देती .दुसरे लेवल पर बंगाल के हिजड़े हाथ में तीर-धनुष लेकर पहरा देते .ये सुरक्षा स्तर इतना मजबूत था कि इसमें अकबर और औरतों के अलावा किसी और के प्रवेश की अनुमति नहीं थी.

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