ये है Cleopatra की रहस्यमय मौत का सच !

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क्लियोपेट्रा इतिहास में एक ऐसी रहस्यमय शख्सियत के रूप में दर्ज हैं जिनके रहस्य पर से परदा हटाने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। उनके बारे में कहा जाता है कि वे जितनी सुंदर और सेक्सी थीं उससे कहीं ज्यादा वे चतुर, षड्यंत्रकारी और क्रूर भी थीं। उनके कई पुरुषों से सेक्स संबंध थे। वे राजाओं और सैन्य अधिकारियों को अपनी सुंदरता के मोहपाश में बांधकर उनको ठिकाने लगा देती थी। इतिहासकार मानते हैं कि उन्होंने एक सर्प से खुद को अपने वक्ष स्थल पर कटवाकर आत्महत्या कर ली थी और कुछ मानते हैं कि उनकी मौत मादक पदार्थ के सेवन से हुई थी।

क्लियोपेट्रा की मौत एक रहस्य : क्लियोपेट्रा ऑक्टेवियन को भी अपने रूप-जाल में फांसकर खुद की जान बचाकर फिर से मिस्र की सत्ता प्राप्त करने की योजना पर कार्य कर रही थीं। किंतु जनश्रुति के अनुसार ऑक्टेवियन क्लियोपेट्रा के रूप-जाल में नहीं फंसा और उसने उसकी एक डंकवाले जंतु के माध्यम से हत्या कर दी। तब वह 39 वर्ष की थीं। लेकिन क्या यह सच है? क्लियोपेट्रा की मौत के बाद मिस्र रोमन साम्राज्य का हिस्सा बन गया।

हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि उसने एंथोनी को धोखा नहीं दिया। उसने एंथोनी के सामने ही सर्प से डंक लगवाकर आत्महत्या कर ली थी और जब एंथोनी ने देखा कि क्लियोपेट्रा मर गई है तब उसने भी आत्महत्या कर ली, क्योंकि वे जानते थे कि हमें कभी भी ऑक्टेवियन या उसके सैनिक मार देंगे।

मादक पदार्थ के सेवन से हुई मौत : जर्मनी के एक शोधकर्ता ने दावा किया है कि पुराना मिस्र की विख्यात महारानी क्लियोपेट्रा की मौत सर्पदंश से नहीं, बल्कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन से हुई थी। यूनिवर्सिटी ऑफ ट्राइवर के इतिहासकार और प्रोफेसर क्रिस्टॉफ शेफर ने अपने आधुनिक शोध में दावा किया है कि अफीम और हेम्लाक (सफेद फूलों वाले विषैले पौधे) के मिश्रण के सेवन की वजह से उनकी मौत हुई थी। क्लियोपेट्रा का निधन अगस्त 30 ईसा पूर्व में हुआ था और हमेशा से यही समझा जाता रहा है कि उनकी मौत कोबरा सांप के काटने से हुई थी।समाचार-पत्र ‘टेलीग्राफ’ ने क्रिस्टॉफ के हवाले से कहा, ‘महारानी क्लियोपेट्रा अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर थीं और इस बात की संभावना कम ही है कि उसने मौत के इंतजार में खुद को बदसूरत बनने दिया होगा।’ मिस्र के अलेक्जेंडरिया शहर का दौरा करने वाले क्रिस्टॉफ ने वहां कई प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों का अध्ययन किया और सर्प विशेषज्ञों की राय ली। उनका कहना है, ‘क्लियोपेट्रा अपने मिथक को बनाए रखने के लिए मौत के समय भी खूबसूरत बनी रहना चाहती थी।
उन्होंने बताया, ‘क्लियोपेट्रा ने संभवत: अफीम, हेम्लॉक और अन्य पदार्थों के मिश्रण का सेवन किया होगा। उस काल में इस घोल को चंद घंटों के भीतर पीड़ारहित मृत्यु के लिए पिया जाता था जबकि सर्पदंश की स्थिति में कई बार प्राण निकलने में कई-कई दिन लग जाते थे।’

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