चुनारगढ़ का किला :रहस्यमयी सुरंगों से कभी कोई बाहर नहीं निकल पाता

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चुनारगढ़ का किला भारत की ऐतिहासिक विरासत है। माना जाता है कि यह किला लगभग 5000 वर्षों से विद्यमान है। हालांकि इसका बीच बीच में जीर्णोद्धार  होता रहा है। इस किले पर महाभारत काल के सम्राट काल्यवन, सम्पूर्ण विश्व पर शासन करने वाले उज्जैन के प्रतापी सम्राट विक्रमादित्य और सम्राट पृथ्वीराज सिंह चौहान से लेकर सम्राट अकबर शेरसाह सुरी जैसे शासकों ने शासन किया है। वेबदुनिया के शोधानुसार चुनारगढ़ किले का निर्माण किस शासक ने कराया है इसका कोई प्रमाण नहीं है। इतिहासकारों के अनुसार महाभारत काल में इस पहाड़ी पर सम्राट काल्यवन का कारागार जेल था।

पत्थर के इस किले में कई गहरी और रहस्मयी सुरंगों का मुहाना है। जिसकी सीमाओं का कोई पता नहीं है। चुनारगढ किले में सुरंगों का एक जाल सा बिछा है। चुनारनगर के नीचे कई जगह इसके प्रमाण आज भी मौजूद हैं। इसके अलावा इस किले में कई गहरे तहखाने हैं जोकि गुप्त रास्तों से एवं एक दुसरे से जुड़े हैं। कहते हैं कि इस किले में भयंकर सांपों का बसेरा हो चला है।

किले के ऊपर एक बहुत गहरी बावड़ी है जिसमें पानी के अन्दर तक सीढियां बनी हैं एवं इसकी दीवारों पर कई तरह के चिन्ह बने हैं जो प्राचीन लिपि के हैं और जिन्हें समझना मुश्किल है। चुनारगढ़ किला एक तिलिस्मि आश्चर्य है। आज तक इसका रहस्य कोई नहीं जान सका है।

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