जानिए ! कैसे अलाउद्दीन खिलजी ने हिन्दुस्तान को चंगेज खान की मंगोल सेना के कहर से बचाया

0
435

दिल्ली के सुलतान अल्लौद्दीन खिलजी की तमाम चारित्रिक कमजोरियों के बावजूद उन्हें इस बात का क्रेडिट तो दिया ही जा सकता है कि उसने मंगोलों की बर्बरता से भारत को बचा कर रखा .मंगोलों के आतंक से सम्पूर्ण एशिया कांपता था .चंगेज खान का साम्राज्य पश्चिमी एशिया से लेकर यूरोप तक फैला था लेकिन हिन्दुस्तान उसकी टेढ़ी नजरों से बचा रह गया .चंगेज खान की मौत के बाद उसके वारिसों ने भारत पर कब्जा करने की कई बार कोशिश की लेकिन हर बार उसे मुंह की कहानी पडी .आखिर भारत में मंगोलों की असफलता के क्या कारण थे ? आइये जानते हैं..

भारत में मंगोल आक्रमण का सबसे पहला भय सुलतान इल्तुतमिश के समय पैदा हुआ .ईरान के युवराज मंग्बर्नी का पीछा करता हुआ चंगेज खान सिन्धु नदी के तट पर आ पहुंचा था. लेकिन इल्तुतमिश ने जब मग्बरनी को शरण नहीं दी तो चंगेज वापस लौट गया और भारत पर चंगेज के कहर का ख़तरा टल गया. 1292 में चंगेज का पोता अब्दुल्ला ने एक बड़ी सेना लेकर पंजाब पर हमला बोल दिया .उस समय दिल्ली पर जलालुद्दीन खिलजी का शासन था. जलालुद्दीन ने मग्लों को परास्त कर उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. लेकिन मंगोलों ने हार नहीं नहीं और बार-बार आक्रमण करते रहे जिससे तंग आकर जलालुद्दीन ने उनसे समझौता कर लिया .उसने चंगेज के वंशज उल्गू खान और उसके चार हजार समर्थको को भारत में बसने की आज्ञा दे दी .

अलाउद्दीन खिलजी के समय मंगोलों ने इस संधि को तोड़ दिया और जाफर खान के अगुआई में एक लाख की सेना के साथ भारत पर हमला बोल दिया .लेकिन खिलजी ने उन्हें हरा दिया .हजारों मंगोलों को बंदी बनाकर दिल्ली लाया गया और उनका कत्ले-आम किया गया .मंगोल इसका बदला लेने के लिए बार-बार आक्रमण करते रहे लेकिन अलाउद्दीन ने उन्हें बार-बार हराता रहा. एक बार तो ऐसा भी हुआ कि खुद अल्लौद्दीन खिलजी मंगोलों के हमले से बाल-बाल बचा .


भारत पर मंगोलों का आख़िरी आक्रमण 1306 इसवी में हुआ जब मंगोल आक्रमणकारी हिन्दुस्तान के काफी भीतर तक घुस आये .लेकिन अलाउद्दीन के सेनापति मलिक काफूर ने उन्हें बाहर खदेड़ दिया .50 हजार से ज्यादा मंगोलों को बंदी बनाया गया और उनका कत्ले-आम किया गया .ये शायद मंगोलों का आख़िरी बड़ा आक्रमण था. दरअसल अलाउद्दीन खिलजी को सबसे ज्यादा भय मंगोलों का ही था .इसलिए उसने उनसे निपटने के लिए एक विशाल सेना का गठन किया था. उधर चंगेज खान की मौत के बाद मंगोलों में एकता नहीं रही .इससे उनकी ताकत घट गई .इस घटी हुई ताकत के साथ वो खिलजी की विशाल सेना के सामने नहीं टिक सके .इस तरह भारत मंगोलों की बर्बरता से महफूज रहा .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here