जब संभा जी ने शिवाजी महाराज के सुरनीस अन्नाजी पंत की बेटी का कर लिया अपहरण

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छत्रपति संभा जी महाराज के चरित्र को लेकर इतिहासकारों की अलग-लग राय है .कोई उन्हें शिवाजी महाराज के विपरीत गुणों वाला बताता है तो कोई उन्हें विलासी और विद्रोही बताने से भी नहीं चुकता .इसमें कोई शक नहीं महाराज की दूसरी पत्नी सोयराबाई के निरंतर चल रहे षड़यंत्र के कारण संभा जी के स्वभाव में काफी तल्खी आ गई थी .बहरहाल आज हम यहाँ एक घटना का जिक्र करने जा रहे हैं जब संभा जी ने अपने ही एक सरदार की बेटी का अपहरण कर लिया था. आखिर क्यों ? आइये जानते हैं..

अन्ना जी पन्त शिवाजी महाराज के सबसे विश्वसनीय सरदार थे ,उनकी एक बेटी थी गोदावरी जो काफी खूबसूरत थी .महल में पूजा के दौरान एक बार संभा जी की नज़र गोदावरी पर पड़ी तो संभा जी उस पर मोहित हो गए .गोदावरी और संभा जी की बढ़ती नजदीकियों को सोयराबाई ने साजिश का हथियार बना लिया और संभा जी को बदनाम करने का षड्यंत्र रचने लगी .सबसे पहले उन्होंने अन्ना जी पन्त को संभा जी के खिलाफ भड़काया लेकिन फिर भी जब उनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो उन्होंने गोदावरी को अपने महल में कैद करवा दिया .वो गोदावरी को सिखा रही थी कि जैसे महाराज पन्हाला से वापस लौटे वो संभा जी के खिलाफ महाराज से शिकायत करें .सोयराबाई जानती थी कि अगर गोदावरी ने ये बात महाराज को बता दी तो उन्हें युवराज के पद से हटा दिया जाएगा और इस तरह उनके बेटे राजाराम का रास्ता साफ़ हो जाएगा .इसी बीच अन्ना जी ने गोदावरी को उसके ननिहाल भेजने का निर्णय ले लिया. संभा जी को इस साजिश की खबर लग चुकी थी .इसलिए सोयराबाई के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए उन्होंने एक एक गुप्त योजना बनाई .

संभा जी ने अपने सबसे विश्वस्त सरदारों को इकट्ठा किया और रास्ते में एक गुप्त स्थान पर छुप गए .जैसे ही गोदावरी की डोली वहां पहुँची संभा जी ने डोली में बैठी गोदावरी को अपने कब्जे में ले लिया .इसके बाद संभा जी ने गोडावरी को लिंगाना में कैद कर दिया .अब इसके पीछे संभा जी की मंशा जो भी रही हो लेकिन इससे उनके उज्जवल चरित्र पर बदनामी के छींटे तो पड़ गए .यही वो घटना थी जिसके कारण शिवाजी महाराज और संभा जी के बीच तनातनी शुरू हो गई

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