Vijay Nagar Dynasty (Part-2):जानिए ! क्यों इस हिन्दू राज्य के खिलाफ गोलबंद हुए मुस्लिम सुल्तान

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हिस्ट्री एंड मिस्ट्री में हम आपको विजय नगर साम्राज्य की एपिसोडिक जानकारी दे रहे हैं .इस साम्राज्य के संस्थापक हरिहर की मृत्यु के पश्चात उसका भाइ बुक्का सिंहासन पर बैठा. बुक्का अपने भाई हरिहर से ज्यादा बुद्धिमान निकला .उसका राज्य चारो तरफ से मुस्लिम शासकों से घिरा हुआ था .इसलिए उसने इन राज्यों को अपने साम्राज्य में मिलाने की कोशिशें शुरू कर दी. उसने बहमनी के शासक मुहम्मद शाह को सन्देश भेजा की कृष्णा और दोआब नदी का संगम क्षेत्र उन्हें सौंप दिया जाए. मुहम्मद शाह ने उनकी बात नहीं मानी और दोनों के बीच युद्ध शुरू हो गया लेकिन इस युद्ध् में बुक्का ने मुहम्मदशाह को पराजित कर दिया .इसके बाद बुक्का ने मदुरा के मुसलमान शासक को पराजित कर अपना राज्य रामेश्वरम तक फैला दिया .

बुक्का एक योग्य शासक था और हिन्दू धर्म का कट्टर अनुयायी भी. इसके बावजूद उसने मुस्लिम , जैन और बौद्ध धर्म को भी संरक्षण प्रदान किया .बुक्का के इस साम्राज्यवादी नीति के कारण सारे मुसलमान शासक उसके खिलाफ हो गए .लेकिन उनमें आपसी एकता नहीं थी और साथ ही बुक्का के पास एक शक्तिशाली सेना थी जिसका नेतृत्व वो खुद करता था. इसलिए कोई भी उससे लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका .बुक्का के जीवन काल में तो शान्ति बनी रही लेकिन 1377 में उसकी मौत के बाद सारे मुस्लिम राज्य विजय नगर से बदला लेने के लिए एक साथ हो गए .बुक्का का पुत्र हरिहर द्वितीय अपने पूरे शासनकाल में इन्हीं राज्यों से निपटने में लगा रहा. इस संघर्ष के बावजूद हरिहर अपना साम्राज्य विस्तार भी करता रहा. उसने गोवा और कर्नाटक को जीतकर अपने राज्य में मिला लिया .इस प्रकार हरिहर अपने उत्तराधिकारियों के लिए एक विस्तृत राज्य छोड़ गया.

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