जानिए ! कैसे बीरबल के कारण अकबर को मिली मुग़ल साम्राज्य की सबसे बड़ी हार

0
92

बीरबल ने अपने खूबियों से बादशाह अकबर के दिल में भी खास जगह बना रखी थी. दोनों इतने करीबी दोस्त थे कि बीरबल की मौत ने अकबर को बुरी तरह से तोड़ कर रख दिया था बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में साल 1556 के दौरान शामिल हुए थे. उन्हें राजा के ओहदे से नवाजा गया. ऐसा कहा जाता है कि तब उनके पास 2000 सैनिक भी थे. तेज दिमाग और मुश्किल हालातों में भी संतुलन न खोने की क्षमता के साथ बीरबल की एक और खूबी थी. वे बृज भाषा के जानकार और अच्छे कवि भी थे. कला से बेहद प्रेम करने वाले अकबर इन्हीं खूबियों से प्रभावित होते गए और जल्दी ही दोनों की दोस्ती गहराने लगी.

साल 1586 में बीरबल और ज़ैन खान कोका को स्वात और बाजौर क्षेत्रों में पश्तून युसुफ़ज़ाई के खिलाफ एक अभियान पर भेजा गया था. वहां दोनों नेताओं के बीच असहमति के कारण बीरबल के खिलाफ एक जाल बुना गया और धोखे से काबुल की धूसर पहाड़ियों से नीचे दिया गया. यहां तक कि बीरबल की लाश तक नहीं मिल सकी. अकबर के शासनकाल में ये मुगलों की सबसे बड़ी हार थी, जिसमें 8000 से ज्यादा मुगल सैनिकों की जान गई. इनमें एक बीरबल भी थे. खबर मिलने पर बादशाह की हालत किसी बच्चे सी हो गई. उन्होंने दो दिन तक न कुछ खाया और न पिया. हरदम सख्त अनुशासन में रहने वाले अकबर ने इस दौरान दरबार का कोई भी काम देखने से इनकार कर दिया.बीरबल की मौत के बाद अकबर के दुख में पूरा मुगल परिवार शामिल था. सारा राजकाज कुछ दिनों के लिए रुक सा गया था.

तब बादशाह की हालत देख नौ-रत्नों में से एक अबुल फज्ल ने अकबरनामा में लिखा था कि वजीर की मौत ने उन्हें इतना दुख दिया कि उनका दिल हर बात से उठ गया था. बीरबल से ईर्ष्या करने वाले बदायुनी भी लिखते हैं कि बादशाह को किसी की मौत पर इतने सदमे में नहीं दिखा गया, जितना उन्हें इस दोस्त की मौत से हुआ. पूरे मुल्क को संभाल रहे बादशाह इस बात की कल्पना करते सिहर जाते थे कि उनके चहेते वजीर की कटी-फटी, खून से सनी लाश पहाड़ियों में कहीं पड़ी होगी. सदमे से उबरने के बाद भी अकबर बीरबल की लाश खोजने के लिए काबुल जाने की जिद पर अड़े हुए थे. वे चाहते थे कि शव का सही ढंग से अंतिम संस्कार हो सके. हालांकि बाद में दरबारियों के ये कहने पर कि बीरबल का शव सूरज की किरणों से ही पवित्र हो गया होगा, अकबर ने काबुल जाने का इरादा छोड़ दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here